अनावश्यक हार्न बजाना ध्वनि प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण

भारत में गाड़ी चालको के द्वापा अनावश्यक रुप से हार्न बजाना ध्वनि प्रदूषण का सबसे बड़ा कारण और एक बड़ी सामाजिक समस्या है। अक्सर देखा जाता है कि गाड़ी चालक ग्रीन लाईट होने से पहले ही हार्न बजाना शुरु कर देता है जबकि उन्हे लाईट को ग्रीन होने का इंतजार करना चाहिए।

यह एक बड़ी समस्या है और यह रेड लाईट तक ही सीमित नही है, गाड़ी चालक स्कूल, अस्पताल ,आवासीय क्षेत्रों मे भी तेज हार्न बजाते है जिससे लोगों को समस्या का सामना करना पड़ता है। शहर मे चलने वाले वाहन जहाँ एक तरफ वायु प्रदूषण कर रहे है वही 70 प्रतिशत से अधिक लोग ध्वनि प्रदूषण करने से भी बाज नही आते।

तेज ध्वनि मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है और यह मानव के स्वास्थ्य को प्रभावित कर उसमे अवसाद. उच्च रक्तचाप, तनाव, कम सुनाई देना और याद्दाश्त खोने जैसी समस्या को जन्म देता है । अधिकांश वाहन चालक तेज हार्न बजाकर अपनी अपनी तनाव और हताशा को दूसरे के लिए छोड़ता है जो कि एक नाकारात्मक सोच और जागरुकता के अभाव के कमी होने के कारण है। साथ ही उसमे सामाजिक और एक जिम्मेदार नागरिक की भावना की कमी होता है।

ध्वनि प्रदूषण के प्रभाव का अवलोकन करने के बाद, NATIONAL CRIME CONTROL BUREAU (NCCB) ने सम्मान देने के खिलाफ धर्मयुद्ध शुरू किया है। आज सेंट ऑगस्टिन डे स्कूल, कोलकाता में हमने एक जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया, जहाँ छात्रों और कर्मचारियों ने भाग लिया और इस आंदोलन को एक जन आंदोलन बनाने के लिए हाथ मिलाने का वादा किया।

हमारी लड़ाई की योजना में ‘नो होनकिंग’ बैनर लगाना, पर्चे बांटना, स्टिकर लगाना और जन जागरूकता अभियान चलाना शामिल है। नैशनल क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (एनसीसीबी) यह साझा करने में गर्व महसूस करता है कि कुछ वर्षों में (सरकार या कॉर्पोरेट समुदाय से वित्तीय सहायता के बिना), हमारे “नो हॉकिंग” अभियान ने पहले ही बहुत बड़ा प्रभाव डाला है।

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